रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग में स्थित ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपने गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुई। बाबा केदार की पंचमुखी चल उत्सव डोली अपने प्रथम रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंची। जिसके बाद  बाबा केदार की डोली ने अपने दूसरे पड़ाव के लिए प्रस्थान किया। बाबा केदारनाथ की डोली आज रात्रि प्रवास के लिए दूसरे पड़ाव फाटा पहुंचेगी। इस दौरान आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बाबा केदार की जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। 

इससे पहले सोमवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली ने सेना की बैंड धुनों, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और भक्तों के जयकारों के साथ शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से अपने धाम के लिए प्रस्थान किया। बाबा केदार की पंचमुखी चल उत्सव डोली अपने प्रथम रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंची।

सोमवार को सुबह 5.30 पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर के पुजारी बागेश लिंग ने गर्भगृह में विराजमान भगवान केदारनाथ, द्वितीय केदार मद्महेश्वर और ओंकारेश्वर भगवान को बाल भोग लगाया गया। महाभिषेक पूजा के बाद उपरांत सुबह 8.30 बजे आराध्य को महाभोग लगाया गया। इसके बाद पुजारी बागेश लिंग, पुजारी टी. गंगाधर लिंग और पुजारी शिव लिंग ने ओंकारेश्वर मंदिर के गर्भगृह से चल उत्सव विग्रह मूर्ति को पंचकेदार गद्दीस्थल में विराजमान किया।

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